मेरठ, अप्रैल 12 -- श्री परमधाम वलीदपुर में रविवार को हिंद मजदूर किसान समिति की ओर से नस्ल बचाने और नशामुक्ति को लेकर महासम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मजदूर और किसानों ने भागीदारी की। महासम्मेलन को संबोधित करते हुए समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रांतिगुरु चंद्रमोहन ने कहा कि फसल से ज्यादा महत्वपूर्ण नस्ल होती है। फसल खराब होने पर दोबारा उगाई जा सकती है, लेकिन नस्ल के नष्ट होने पर उसे बचाना बेहद कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि नशा समाज को धीरे-धीरे खोखला कर रहा है और कई परिवार इसकी वजह से बर्बादी की कगार पर पहुंच चुके हैं। यहां तक कि किसानों को अपनी जमीन तक बेचनी पड़ रही है।उन्होंने जाति व्यवस्था पर भी प्रहार करते हुए कहा कि नशा और जातिवाद दोनों ही समाज को कमजोर करते हैं और मजदूर-किसानों की एकता...
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