नई दिल्ली, फरवरी 15 -- प्रयागराज में माघ मेले का समापन महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हुआ। 15 फरवरी 2026 को संगम नगरी 'ॐ नमः शिवाय' के जयघोष से गूंज उठी। ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में डुबकी लगाने के लिए पहुंचने लगे थे। इस अंतिम स्नान पर्व पर लाखों भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई और भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। माघ मेले ने इस साल नया इतिहास रच दिया है।ब्रह्ममुहूर्त से शुरू हुआ स्नान का सिलसिला सुबह 3 बजे से ही संगम तट पर श्रद्धालुओं का जमघट लगना शुरू हो गया था। भक्तों ने स्नान के बाद शिवालयों की ओर प्रस्थान किया और गंगाजल भरकर बाबा महाकाल एवं अन्य शिवलिंगों पर अभिषेक किया। संगम के 3.5 किलोमीटर लंबे घाटों पर पैर रखने की जगह नहीं थी। सुबह 6 बजे तक जहां 10 लाख श्रद्धालु...