नई दिल्ली, जून 17 -- उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के सामने एक नया और गहरा संकट खड़ा होता दिख रहा है। पार्टी के भीतर एक और टूट की आशंकाएं तेज हो गई हैं। अगर यह विभाजन होता है, तो इसका असर सिर्फ महाराष्ट्र की सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दिल्ली की राजनीति और विपक्षी दलों के 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन को इसका कहीं ज्यादा भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अटकलें तेज हैं कि शिवसेना (यूबीटी) के 6 से 7 लोकसभा सांसद और 14 से 16 विधायक पार्टी का साथ छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। यह घटनाक्रम ऐसे वक्त में सामने आ रहा है जब राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (INDIA) पहले से ही झटके झेल रहा है।इस बार विधानसभा नहीं, संसद है लड़ाई का केंद्र साल 2022 में एकनाथ शिंदे की अगुवाई में हुई बगावत महाराष्ट्र...