नई दिल्ली, अक्टूबर 27 -- महाराष्ट्र में पुलिस की मारपीट या प्रशासनिक लापरवाही के कारण हिरासत में जान गंवाने वालों के परिवारों को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना के कारण स्थायी रूप से दिव्यांग होने पर चार लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। राज्य के गृह विभाग ने मंगलवार को पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों और प्रताड़ना के पीड़ितों के लिए एक नई मुआवजा नीति की घोषणा की है। महाराष्ट्र कैबिनेट द्वारा इस नीति को मंजूरी दिए जाने के कुछ दिन बाद ही इसकी घोषणा की गई है।

दिव्यांगता पर मुआवजे की राशि सरकारी आदेश (जीआर) के अनुसार, यदि हिरासत में प्रताड़ना के कारण किसी व्यक्ति को 50 प्रतिशत से कम स्थायी दिव्यांगता होती है, तो उसे दो लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं 50 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता होने पर चार लाख र...