नई दिल्ली, जून 14 -- जयपुर के महाराजा सवाई मान सिंह द्वितीय ने करीब 100 साल पहले दिल्ली की अपनी जमीन का एक हिस्सा दिल्ली पोलो क्लब को तोहफे में दिया था, लेकिन वर्तमान में यह ऐतिहासिक जयपुर पोलो ग्राउंड अपने भविष्य को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ने को मजबूर है। मशहूर शासक और पोलो खिलाड़ी के नाम पर बना दिल्ली के रेस कोर्स इलाके में यह 15.2 एकड़ का मैदान लंबे समय से भारत के सबसे प्रतिष्ठित और पुराने पोलो मैदानों में से एक माना जाता रहा है। पीढ़ियों से यहां देश के कुछ सबसे बड़े पोलो टूर्नामेंट आयोजित होते रहे हैं और यह उस खेल परंपरा से गहराई से जुड़ा रहा है। इसकी जड़ें भारत के रियासती दौर से जुड़ी हैं।केंद्र ने अपने कब्जे में लिया जयपुर पोलो ग्राउंड केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले भूमि एवं विकास कार्यालय के अधिकारियों ने 20...