लखनऊ, दिसम्बर 24 -- गोमतीनगर स्थित महामना मालवीय मिशन की ओर से भारत रत्न महामना पं. मदन मोहन मालवीय की 164वीं जयंती की पूर्व संध्या पर बुधवार को वैचारिक समारोह मनाया गया। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय चिंतक एवं विचारक पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि महामना का संपूर्ण जीवन राष्ट्र, समाज एवं शिक्षा के उत्थान को समर्पित रहा। उनके विचार आज भी समाज को सही दिशा प्रदान करते हैं। भारत आदि-अनादि काल से कर्म प्रधान देश रहा है। महामना मालवीय मिशन दिल्ली के संरक्षक प्रभु नारायण श्रीवास्तव ने कहा कि महामना मालवीय हिंदू समाज के अजातशत्रु थे। उनके समान व्यक्तित्व का जन्म अभी तक पूरे विश्व में नहीं हुआ। मिशन उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए निरंतर समाज सेवा के कार्यों में तत्पर है। महामना के प्रेरणास्पद पंक्ति 'मर जाऊं पर मांगू नहीं, अपने हित के काज। परमारथ के कारण...
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