नई दिल्ली, अप्रैल 10 -- लुटियंस दिल्ली स्थित जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास से एक स्टोररूम में भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई, जिस घटना ने पूरे देश को चौंका दिया। जस्टिस वर्मा उस समय दिल्ली हाईकोर्ट में तैनात थे और बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट में ट्रांसफर हो गया। अब जस्टिस वर्मा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को इस्तीफा सौंप दिया है। इस्तीफे के साथ सबसे बड़ा सवाल पेंशन और रिटायरमेंट बेनिफिट्स का है। कानूनी जानकारों के अनुसार, हाईकोर्ट जज (वेतन और सेवा शर्तें) अधिनियम 1954 के तहत इस्तीफा रिटायरमेंट माना जा सकता है। इसलिए जस्टिस वर्मा को सामान्य रिटायरमेंट वाली पेंशन और अन्य सुविधाएं मिलने की संभावना है। अगर संसद की ओर से महाभियोग के जरिए उन्हें हटाया जाता, तो वे इन लाभों से वंचित हो जाते। यह भी पढ़ें- वकील ने दायर कर दीं 25 PIL, भड़के CJI सूर्यकां...