बगहा, फरवरी 1 -- बेतिया, बेतिया कार्यालय महापुरुषों के चित्र को पूजने से अधिक आवश्यक है उनके चरित्र और विचारों को अपनाना। उनके जीवन चरित्र को अपने चित्त और मन में धारण करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।उक्त बाते एमजेके कॉलेज के प्राचार्य सह बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के डीन प्रो. (डॉ.) रवींद्र कुमार चौधरी ने कही। महारानी जानकी कुंवर महाविद्यालय, बेतिया की योग क्लब इकाई के तत्वावधान में माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर महान संत रविदास जयंती के उपलक्ष्य में एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि संत रविदास सामाजिक समरसता, समानता, बंधुत्व और मानवाधिकारों के सशक्त प्रतीक थे। उनका जीवन और दर्शन आज के समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, जहां समानता और मानवीय गरिमा की रक्षा की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। संत रविदास के प्रसिद्ध...