नई दिल्ली, सितम्बर 7 -- बिहार के आरा जंक्शन पर दिल्ली जा रही सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस के पटरी से उतरने की शुरुआती जांच रिपोर्ट में लोको पायलट, गार्ड और स्टेशन मास्टर के बयान एक-दूसरे से अलग पाए गए हैं। इससे एक बार फिर ऑपरेशनल सुरक्षा के लिए वॉकी-टॉकी पर होने वाली बातचीत रिकॉर्ड करने की जरूरत सामने आई है। बिहार के आरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर महानंदा एक्सप्रेस के दो डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इससे कुछ घंटों तक रेल यातायात आंशिक रूप से प्रभावित रहा था। शुरुआती जांच में लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। जांच के मुताबिक, पहले उन्होंने लाल सिग्नल को पार कर दिया और इसी दौरान ट्रेन पटरी से उतर गई。 यह भी पढ़ें- लाल सिग्नल पार करने वाले लोको पायलटों की सजा पर रेलवे बोर्ड ने मांगे सुझावजांच में विरोधाभास हालांकि, जा...