रांची, जून 6 -- रांची, विशेष संवाददाता। डॉ रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान में आयोजित कविता शिविर में शुक्रवार को दो सत्र आयोजित हुए। पहले सत्र में डॉ माया प्रसाद ने- महादेवी का वाग्वैशिष्ट्य और निराला की गीति-योजना, विषय पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि महादेवी ने अपनी कविताओं में अपने जीवन अनुभव और वेदना की अभिव्यक्ति जिस विशेषता से की है, उसने स्त्री चेतना और अधिकारों को अभिव्यक्ति दी है। उन्होंने कहा कि निराला ने गीति काव्य से छायावादी काव्य को एक नई ऊंचाई दी। दूसरे वक्ता राही डूमरचीर ने- शमशेर बहादुर सिंह की कविताओं में बिंब विधान, विषय पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शमशेर की कविताओं की एक बड़ी विशेषता उनका बिंब-विधान है। शमशेर जितने कलात्मक हैं, उतने ही सामाजिक रूप से सचेत कवि भी हैं। शमशेर की कविताओं में बिंब की निर्मिति ही नहीं...
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