वाराणसी, मार्च 31 -- वाराणसी। वेदव्यास स्वयं सिद्ध पुरुष थे किंतु संतान की कमी दूर करने का तरीका नहीं खोज पा रहे थे। अंतत: भगवती की कृपा से ही वेदव्यास को भी संतान की प्राप्ति हुई थी। ये बातें साध्वी गीताम्बा तीर्थ ने कहीं। वह डाफी स्थित आशीर्वाद वाटिका में हो रही श्रीमद् देवी भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को प्रवचन कर रही थीं। उन्होंने बताया कि वेद पुराण के रचयिता महर्षि वेदव्यास एक बार सरस्वती नदी के किनारे आराधना में बैठे थे। उन्होंने देखा कि गौरैया का जोड़ा अपने बच्चों को भोजन करा रहा है। यह देखकर उनको संतान न होने का दुख हुआ। महर्षि वेदव्यास को चिंतित देखकर वहां से गुजर रहे महर्षि नारद ने चिंता का कारण पूछा। महर्षि ने संतान न होने की बात बताई। इस पर नारद मुनि ने उन्हें श्रीमद् देवी भागवत का पारायण करने की सलाह दी। महर्षि व्यास ने ऐसा...