नई दिल्ली, अक्टूबर 3 -- रेगुलर स्कूल जाना छोड़कर एक छात्र ने वेद पढ़े। आगे चलकर कुछ साल बाद वह इसरो का वैज्ञानिक बन गया। केरल के गोविंद कृष्णन एम के करियर की यह यात्रा किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है। जिस उम्र में बच्चे स्कूल की किताबों और खेलकूद में व्यस्त रहते हैं, उस उम्र में गोविंद कृष्णन एम ने एक बिल्कुल अलग रास्ता चुना। उन्होंने कक्षा 4 के बाद सिर्फ 10 साल की उम्र में रेगुलर स्कूल छोड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने गुरुकुल में वेदों का अध्ययन शुरू कर दिया। उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि पारंपरिक शिक्षा की राह पर चलने वाला यह बालक एक दिन देश के अंतरिक्ष संगठन ISRO में वैज्ञानिक बनेगा। गोविंद कृष्णन एम का सफर उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो कभी-कभी अपनी शिक्षा या करियर को लेकर उलझन में पड़ जाते हैं। कन्नूर के रहने वाले गोवि...