नई दिल्ली, जनवरी 13 -- नई दिल्ली। आज के दौर में जब दुनिया अपनी सेहत सुधारने के लिए महंगे कोम्बुचा, प्रोबायोटिक्स और विदेशी 'डिटॉक्स' डाइट के पीछे भाग रही है, भारत का एक साधारण सा भोजन खिचड़ी इन सबको मात दे रहा है। उत्तर भारतीय घरों में मकर संक्रांति जैसे त्योहारों पर अनिवार्य रूप से बनाई जाने वाली खिचड़ी केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि विज्ञान और सेहत का बेजोड़ संगम है। न्यूट्रिशन विशेषज्ञों का मानना है कि खिचड़ी एक 'कम्पलीट प्रोटीन' (संपूर्ण आहार) है। विज्ञान के नजरिए से देखें तो चावल और दाल का मेल शरीर को वे सभी नौ जरूरी अमीनो एसिड प्रदान करता है, जिनकी मांसपेशियों और ऊतकों की मरम्मत के लिए जरूरत होती है। खिचड़ी की सबसे बड़ी खूबी इसका पाचन में आसान होना है। यह पेट को उत्तेजित करने के बजाय उसे शांत करती है। वहीं आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है...