नवादा, जून 8 -- वैश्विक स्तर पर चल रही जंग और आर्थिक उथल-पुथल की तपिश अब नवादा जिले के आम घरों के किचन तक पहुंच गई है। महंगाई की चौतरफा मार के बीच दूध और उससे बने उत्पादों के दामों में आई तेजी ने आम आदमी की जेब का बजट बिगाड़ दिया है। चारे और पशु आहार के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी के कारण जिले का डेयरी उद्योग गहरे संकट में है। पशुपालन की लागत बढ़ने से जहां दुग्ध उत्पादक परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर आम उपभोक्ताओं के लिए दूध खरीदना दूभर होता जा रहा है। इसका सीधा असर बच्चों के पोषण पर पड़ रहा है। ​हालिया दिनों में पशु आहार के दाम बेतरह बढ़ गए हैं। ​नवादा जिले के ग्रामीण इलाकों में पशुपालन जीविका का एक मुख्य साधन है। लेकिन पिछले कुछ महीनों में चोकर, खली और भूसे की कीमतों में 30 से 40 फीसदी तक का उछाल आया है। ​पशुपालक मनोज यादव, नारायण यादव, सुनील ...