फतेहपुर, मई 3 -- फतेहपुर। महंगाई की चौतरफा मार ने फुटपाथ पर रोजी-रोटी कमाने वाले छोटे दुकानदारों को आधुनिकता से पीछे धकेलकर फिर से धुएं के उस दौर में खड़ा कर दिया है, जिससे देश को मुक्त कराने के दावे किए जा रहे थे। कॉमर्शियल छोटू एलपीजी सिलेंडर की आसमान छूती कीमतों ने चाय, पकौड़ी और चाट का ठेला लगाने वालों की पहुंच से इसे पूरी तरह बाहर कर दिया है। पेट पालने की मजबूरी में दुकानदार अब टीन के कनस्तर और बाल्टी में मिट्टी का लेप लगाकर कोयला और लकड़ी जलाने को मजबूर हैं। लेकिन मजबूरी की इस रोटी को सेकने के लिए जो जुगाड़ की भट्ठियां जल रही हैं, उनसे निकलता जहरीला धुआं शहर की आबोहवा में कार्बन मोनोऑक्साइड और पीएम 2.5 का जहर घोल रहा है। जीटी रोड से लेकर रेलवे स्टेशन तक छाया यह धुएं का गुबार अब न सिर्फ राहगीरों का दम घोंट रहा है, बल्कि गंभीर बीमारिय...
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