गंगापार, जून 7 -- घरेलू सिलेंडर के दामों में बार-बार वृद्धि होने से महिलाओं को अब मजबूर होकर लकड़ी तथा गोबर के कंडे पर भोजन बनाना पड़ेगा। यह बातें समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव नरेंद्र सिंह ने मेजा रोड बाजार में कहीं। कहा कि एक तरफ मजदूर की मजदूरी वही है, किसान की फसल का दाम वही है, लेकिन महंगाई ऐसी दौड़ रही है जैसे उसे ओलंपिक का गोल्ड मेडल जीतना चाहती है। केंद्र व प्रदेश की सरकार कहती है कि देश तरक्की कर रहा है शायद इसलिए रसोई गैस भी रोज़ नई ऊंचाइयों को छू रही है। मजदूर पसीना बहा रहा है, किसान कर्ज में दबा है, मध्यम वर्ग टैक्स भर रहा है और महंगाई है कि हर महीने नया रिकॉर्ड बना रही है। यह भी पढ़ें- मोदी सरकार आमदनी नहीं बढ़ा रही, बल्कि महंगाई थोप रही है : परविंदर सिंह यह भी पढ़ें- महंगाई का एक और झटका; घरेलू रसोई गैस LPG की कीमत में 29 र...