एटा, मई 21 -- सोने-चांदी के लगातार बढ़ते दामों ने जहां आम आदमी की पहुंच से इस कीमती धातु को दूर कर दिया है, वहीं प्रधानमंत्री की अपील का भी बाजार पर गहरा असर हुआ है। इन दोनों कारणों के संयुक्त प्रभाव से जिले का सराफा कारोबार पूरी तरह धरासायी हो गया है। सराफा एसोसिएशन और स्थानीय व्यापारियों के अनुसार बाजार में करीब 90 प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी है, जो बाजार कभी शादियों और त्योहारों के सीजन में ग्राहकों से गुलजार रहते थे, वहां अब केवल सन्नाटा पसरा हुआ है। सराफा कारोबारियों का कहना है कि इस साल 10 मई के बाद से स्थिति लगातार खराब होती चली गई। सोने-चांदी की कीमतों में आई अप्रत्याशित तेजी के कारण न केवल पारंपरिक आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों ने, बल्कि सोने में निवेश करने वाले बड़े खरीदारों ने भी पूरी तरह से दूरी बना ली है। बाजार से नकदी का प्रवाह...