मुजफ्फर नगर, जनवरी 22 -- भारतीय संस्कृति में सोना-चांदी केवल धातु नहीं, बल्कि संपन्नता और परंपरा का प्रतीक माने जाते हैं। लेकिन वर्तमान समय में आसमान छूती कीमतों ने इस चमक को मध्यम और निम्न वर्ग की पहुंच से दूर कर दिया है। महंगाई के इस 'सुनामी' ने न केवल ग्राहकों की जेब पर डाका डाला है, बल्कि सदियों पुराने सर्राफा कारोबार की कमर तोड़ दी है। आलम यह है कि शोरूम खाली पड़े हैं, कारीगर शहर छोड़ रहे हैं और व्यापारी सरकार की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। दुल्हन का श्रृंगार हुआ अधूरा: 95 फीसदी तक असर पड़ा शादियों का सीजन होने के बावजूद सर्राफा बाजारों में सन्नाटा पसरा है। सोने के दाम 1 लाख 52 हजार प्रति दस ग्राम पहुंचे गए हैं, वहीं चांदी भी 3 लाख 25 हजार रुपये प्रति किलो की दर पर बिक रही है। आसमान छूते सोने-चांदी के भाव के कारण मध्यम वर्गीय पर...
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