नई दिल्ली, मई 20 -- खाने-पीने की चीजें, कपड़े, मकान, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, सीएनजी और बिजली की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की जेब पर दबाव बढ़ाया है। वहीं थोक महंगाई (WPI) अप्रैल में उछलकर 8.3% पर पहुंच गई, जो 42 महीने का उच्च स्तर है। इसकी बड़ी वजह महंगा कच्चा तेल और ईंधन कीमतों में तेजी रही। दूसरी ओर खुदरा महंगाई अक्टूबर 2024 से RBI के 2% से 6% के लक्ष्य दायरे में बनी हुई थी, लेकिन अब बढ़ती ऊर्जा कीमतों और पश्चिम एशिया संकट ने हालात बदलने शुरू कर दिए हैं। अप्रैल 2026 में खुदरा महंगाई बढ़कर 3.48% पर पहुंच गई, जो 13 महीनों का उच्च स्तर है।क्यों बढ़ रही है महंगाई? अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई में रुकावटों के कारण तेल और गैस महंगे बने हुए हैं। अगर यह संकट लंबा चला, तो सरकार को पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें और बढ़ानी पड़ सकती...