नई दिल्ली, अक्टूबर 12 -- नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। बीते छह महीनों में महंगाई का असर सिर्फ रसोई के बजट तक सीमित नहीं रहा। खाने-पीने की चीजों, ईंधन, आवागमन, घर के खर्च और बच्चों की पढ़ाई पर होने वाले खर्च ने परिवारों की आर्थिक योजना को प्रभावित किया है। जिन परिवारों की आय में इसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई, उनके लिए हर महीने का बजट संभालना अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया। मार्च से सितंबर के बीच खुदरा महंगाई 3.40% से बढ़कर 5.46% पहुंच चुकी है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि महंगाई का दबाव रोजमर्रा की जरूरतों पर बना हुआ था। हालांकि, किसी परिवार के वास्तविक बजट पर असर उसकी आय, शहर, परिवार के आकार और खर्च करने के तरीके पर निर्भर करेगा। 1. खाने की थाली महंगी, रसोई का बजट बिगड़ा यह भी पढ़ें- 23 महीने के हाई पर खुदरा महंगाई, सितंबर के आंकड़ों ने बढ़ाई ट...