नई दिल्ली, अगस्त 16 -- आलोक जोशी,वरिष्ठ पत्रकार जिसका डर था, वही खतरा अब सामने आ खड़ा हुआ है। बरसों से काबू में चल रही महंगाई ने धीरे-धीरे ही सही, मगर सिर उठाना शुरू कर दिया है। खुदरा महंगाई जुलाई में 4.45 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो पिछले उन्नीस महीनों में सबसे ज्यादा है। जून में यह आंकड़ा 4.38 प्रतिशत था। इससे भी ज्यादा फिक्र की बात है खाद्य महंगाई, जो 5.52 प्रतिशत पर पहुंच चुकी है। यानी, उन चीजों के दाम तेजी से बढ़े हैं, जो किसी भी परिवार के मासिक बजट का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं। इजरायल और अमेरिका-ईरान युद्ध एवं होर्मुज की खाड़ी के ठप होने से कच्चे तेल के बाजार में मची उथल-पुथल के बाद से यह आशंका जताई जा रही थी कि इसका असर महंगाई के रूप में सामने दिखेगा और अगर मामला जल्दी नहीं निपटा, तो यह गंभीर आर्थिक संकट में बदल सकता है। संकट अभी उत...