वाराणसी, अप्रैल 10 -- वाराणसी। बीएचयू के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के शताब्दी समारोह के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का गुरुवार को उद्घाटन हुआ। 'स्टोरीज़ इन स्टोन: ए वर्कशॉप ऑन प्रीहिस्टोरिक लिथिक्स' को संबोधित करते हुए न्यूरोलॉजिस्ट प्रो. विजयनाथ मिश्रा ने कहा कि मस्तिष्क विज्ञान और प्रागैतिहासिक उपकरण निर्माण के बीच गहरा संबंध है। उन्होंने न्यूरोआर्कियोलॉजी के नए क्षेत्र के बारे में भी बताया। कार्यशाला प्रागैतिहासिक पत्थर उपकरणों के अध्ययन तथा मानव व्यवहार के पुनर्निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण अकादमिक पहल है। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने पुरातत्व के अंतःविषयक दृष्टिकोण के महत्व पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता करते हुए कला संकाय प्रमुख प्रो. सुषमा घिल्डियाल ने पुरातात्विक शोध की समका...