कुशीनगर, मार्च 27 -- कुशीनगर। यदि आपका कोई जानने वाला किडनी का ऐसा मरीज है, जिसे डायलिसिस की नितांत जरुरत है और मेडिकल कॉलेज लेकर आने की सोच रहे हैं तो कोई फायदा नहीं होगा। क्योंकि यहां की डायलिसिस यूनिट पहले से ही ओवरलोड की वजह से हांफ रही है। बेड के अभाव में यहां तीन महीने से नए मरीजों की डायलिसिस नहीं हो पा रही है, जिसकी वजह से औसतन हर दिन चार-पांच मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है। 160 मरीजों की प्रतिदिन डायलिसिस के बाद अभी 145 वेटिंग लिस्ट में हैं।जनपद मुख्यालय का यह सबसे बड़ा अस्पताल जब जिला संयुक्त चिकित्सालय के तौर पर संचालित हुआ करता था, तब 1 नवंबर, 2018 को 10 बेड से इसमें डायलिसिस यूनिट का संचालन शुरू हुआ था। बाद में मरीजों की बढ़ती संख्या और बेड की कमी के कारण हो रही असुविधा को ध्यान में रखते हुए इसकी क्षमता बढ़ाकर 20 मशीनों की ह...