झांसी, दिसम्बर 8 -- गांव की पगडंडियों से खेतों तक गाय और बैलगाड़ी के साथ बैलों के महत्व को अब नई पीढ़ी भी गौशाला में देख सकेगी। मशीनरी युग में अब खेतीबाड़ी में बैलगाड़ी का उपयोग नहीं रह गया, पर आज के युवाओं को अपनी संस्कृति और विरासत को बताने गौशाला पर प्रदेश सरकार ने इसे पर्यटन के रूप में विकसित कर दिया है। गोशालाओं को आदर्श बनाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर झांसी नगर निगम की अनूठी पहल लोगों का ध्यान खींच रही है। झांसी नगर निगम के बिजौली में स्थित कान्हा उपवन गोवंश आश्रय स्थल झांसी को लगभग एक वर्ष पूर्व गौ पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इस अवधि में इसको लेकर लोगों में रुझान बढ़ा है और यहां विद्यार्थियों की आवाजाही खासतौर पर देखने को मिलती है। गौ पर्यटन केंद्र में बना गौ परिक्रमा पथ स्कूली विद्यार्थियों और आगंतुको...
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