कानपुर, सितम्बर 22 -- कानपुर। उलमा व अहले सुन्नत मशावरती बोर्ड ने मंगलवार को जश्न-ए-गौसुलवरा और हमारी ज़िम्मेदारी विषय से जलसे का आयोजन किया। शहर काजी मौलाना मुश्ताक अहमद मुशाहिदी ने कहा कि ऐसे हालात में अपने ईमान का चिराग जलाए रखने के लिए हमें जो भी रास्ता मिलता है, वह इन्हीं सूफियों और बुज़ुर्गों से मिलता है। हमें एकजुट होना होगा। बोर्ड के सचिव हाजी मोहम्मद सलीस ने कहा कि हमारे बीच आपसी मतभेद ठीक नहीं हैं। इस पर हमें गौर करना होगा ताकि हम मुल्क की तरक्की में हिस्सेदार बन सकें। आखिर में दुआ कराई गई। इस मौके पर मौलाना सैफुल हशमत, सैयद अयाज अली एडवोकेट, सैयद मोहम्मद अतहर कादरी और सैयद शहंशाह आलम आदि मौजूद थे।

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