आगरा, फरवरी 14 -- मशरूम की बढ़ती मांग ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर खोले हैं। नाबार्ड और दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में बिचपुरी ब्लॉक के किसानों और युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। वर्ष 2024 में शुरू परियोजना अब समापन की ओर है। चार बैचों में सात-सात दिन का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया गया। 16 किसानों को झोपड़ियां बनाने में आर्थिक और तकनीकी सहयोग मिला। किसान बटन और ऑयस्टर मशरूम का व्यावसायिक उत्पादन कर रहे हैं।
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