कटिहार, मई 9 -- समेली,एक संवाददाता लगातार बारिश ने पशुपालकों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। खेतों में पानी जमा होने से घास और हरा चारा पूरी तरह भींग गया है, जबकि कटे हुए धान की पराली भी गीली होने से उपयोग लायक नहीं बची। कई गांवों में किसान मवेशियों को सूखा भूसा या बाजार से खरीदा हुआ चारा खिला रहे हैं, जिससे पशुपालन की लागत बढ़ गई है।स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि बारिश यूं ही जारी रही तो चारे की भारी किल्लत हो जाएगी और दूध उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।लगातार रिमझिम बारिश से जनजीवन पर भी असर पड़ा है। ग्रामीण सड़कों पर कीचड़ और फिसलन के कारण आवागमन बाधित है, जबकि कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है।मौसम यह भी पढ़ें- आंधी-पानी और ओलावृष्टि से पांच बीघा गेहूं की फसल बर्बाद की यह मार किसानों के लिए कठिन परीक्षा की घड़ी बन गई है, जहां ...