गढ़वा, मार्च 25 -- कांडी, प्रतिनिधि। जल ही जीवन है, यह केवल एक कहावत बन कर ही रह गई है। अधिकारी-पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि सभी जानते हैं कि जल के बिना जीवन संभव नहीं है। उसके बावजूद नौनिहालों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। मामला है प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय चटनिया का है। पानी नहीं मिलने से नाराज विद्यार्थियों ने हाथों में थाली लेकर विरोध जताया।वहां विद्यालय प्रांगण में दो चापाकल व एक जलमीनार है, किंतु तकरीबन एक महीने से सभी खराब स्थिति में पड़े हुए हैं। उक्त विद्यालय में कुल 375 छात्र-छत्राओं का नाम अंकित है। गर्मी के दस्तक के साथ ही उक्त विद्यालय में अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राएं पानी के एक-एक बून्द के लिए तरस रहे हैं। उसके बावजूद भी पदाधिकारी व जनप्रतिनिधियों को तरस नहीं आ रही है। उक्त संबंध में विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध...