हल्द्वानी, अप्रैल 17 -- संतोष जोशी हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता। वनभूलपुरा हिंसा में मुख्य आरोपी बनाए गए अब्दुल मलिक के खिलाफ उच्च न्यायालय में पुलिस दंगा भड़काने के आरोप को साबित नहीं कर सकी। कोई ठोस सबूत पुलिस अदालत में पेश नहीं कर पाई। लिहाजा कोर्ट ने मलिक की जमानत अर्जी मंजूर कर दी। 782 दिनों के बाद मलिक को जमानत मिली है।अब्दुल मलिक के अधिवक्ता एडवोकेट विकास कुमार गुगलानी ने बताया कि 23 फरवरी को पुलिस ने नोएडा से वनभूलपुरा हिंसा में मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए अब्दुल मलिक को गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट भी तय समय पर दायर कर दी। अधिवक्ता के मुताबिक कोर्ट में पहले पुलिस ने बयान दिए कि दंगे के दौरान अब्दुल मलिक हल्द्वानी में था। यह भी पढ़ें- हिंदू संत चिन्मय दास को बांग्लादेश की कोर्ट से मिली जमानत, लेकिन जेल से बाहर नहीं...
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