नवादा, मई 11 -- ​धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से वर्ष 2026 अत्यंत ही विशिष्ट फलदायी होने वाला है। इस वर्ष पंचांगीय गणना के अनुसार ज्येष्ठ का महीना पूरे 59 दिनों का होगा। इसका मुख्य कारण ज्येष्ठ माह में अधिक मास यानी मलमास का समावेश होना है। आगामी 17 मई से मलमास प्रारंभ हो रहा है, जो 15 जून तक चलेगा। इस खगोलीय और धार्मिक घटनाक्रम के कारण 19 वर्षों के बाद एक ऐसा दुर्लभ संयोग बना है, जिसमें हनुमान भक्तों को पूरे आठ बड़े मंगल की पूजा करने का अवसर प्राप्त होगा।

मांगलिक कार्यों पर रहेगा विराम नवादा शहर के ज्योतिषाचार्य पंडित धर्मेंद्र झा कहते हैं कि सूर्य और चंद्रमा की गणना में जो अंतर आता है, उसे संतुलित करने के लिए पंचांग में हर तीन साल पर एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे अधिक मास या पुरुषोत्तम मास अथवा मलमास कहा जाता है। चूंकि इस मास...