धनबाद, मई 15 -- पंचांग के अनुसार इस वर्ष 17 मई से मलमास (अधिकमास) की शुरुआत हो रही है, जो 15 जून तक रहेगा। सनातन धर्म में मलमास को विशेष आध्यात्मिक साधना और पूजा-पाठ का समय माना जाता है, जबकि इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे सभी मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। वेदाचार्य पंडित रमेश चंद्र त्रिपाठी बतातें हैं कि प्रत्येक तीन वर्ष के अंतराल पर पंचांग की गणना के आधार पर अधिकमास लगता है। इस बार यह ज्येष्ठ मास में पड़ रहा है, जिसके कारण ज्येष्ठ का महीना कुल 59 दिनों का हो जाएगा। जो 19 साल बाद आया एक दुर्लभ संयोग है। यह सामान्य 30 के बजाय दो महीनों (59 दिन) तक चलेगा, जिससे आने वाले सभी पर्व- त्योहार 18 से 20 दिन विलंब से आएंगे। ज्येष्ठ मास दो मई से प्रारंभ हुआ जो कि अधिक मास के कारण 29 जून तक रहेगा। दरअसल, सूर्य और चंद्रमा की चाल ...