मुंगेर, अप्रैल 9 -- हवेली खड़गपुर, एक संवाददाता। नगर के सिंहपुर स्थित नाथ बाबा स्थान में श्रीमद भागवत कथा के भव्य और दिव्य धार्मिक कार्यक्रम के छठे दिवस पर उत्तरकाशी के त्यागी स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज ने कंश वध और श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि सबका अंतिम फल ईश्वर की प्राप्ति है। भगवान को अभिमान नहीं जागता। अभिमान किसी के अंदर हो वह ठीक नहीं है। वह सबकुछ छीन लेता है। मर्यादा वाला प्रेम जीवन पर्यंत होता है। अमर्यादित प्रेम बिखर जाता है। उन्होंने कहा कि संसार में सच्चा प्रेमी मां पिता ही है।मां बाप के हृदय में जो प्यार होता है वह मतलब से नहीं होता। वही सच्चा प्रेम है अखंड प्रेम है। प्रेम केवल मिलन का योग ही नहीं है बल्कि वियोग भी प्रेम है। उन्होंने नारी शक्ति को जागृत करते हुए कहा कि नारी की इज्जत ही उसका स...