लखनऊ, जनवरी 23 -- विभूतिखंड स्थित निजी अस्पताल में मरीज को बंधक बनाकर रुपए वसूली की शिकायत के 24 दिन के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसर जागे। शुक्रवार को इसा मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। कमेटी की ओर से पीड़ित पक्ष को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया है। अस्पताल संचालक को नोटिस देकर जवाब तलब किया है। सीएमओ का कहना है कि जांच में आरोप सही मिले तो निजी अस्पताल संचालन बंद करवाया जाएगा। बलरामपुर के खैरा निवासी सुनील पाल के पिता राम भिलाव की तबियत 26 दिसंबर को बिगड़ी थी। वह पिता को बलरामपुर के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से 27 दिसंबर को डॉक्टरों ने केजीएमयू रेफर कर दिया। वह पिता को उसी दिन लेकर केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। ट्रॉमा में डॉक्टर ने बेड न खाली होने की बात कही। कुछ ही देर में सुनील के मोबाइल पर कॉल आई। दूसरी ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.