नई दिल्ली, नवम्बर 18 -- दिल्ली के लाल किले के बाहर हुए कार बम धमाके की जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि इस पूरी साजिश को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी साधारण आतंकवादी नहीं थे, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों में पेशेवर, डिग्रीधारी डॉक्टर थे, जिनके मेडिकल लाइसेंस अब रद्द कर दिए गए हैं। इन्हें सुरक्षा एजेंसियों ने 'टेरर डॉक्टर्स' का नाम दिया है।मौलवी इरफान अहमद से मुलाकात बन गई मोड़ एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि इन 'टेरर डॉक्टर्स' की कट्टरपंथी सोच की शुरुआत मौलवी इरफान अहमद से हुई, जो जम्मू-कश्मीर के शोपियां का रहने वाला है। इरफान अहमद का नाम पहली बार पिछले सप्ताह खुफिया एजेंसियों ने सामने रखा था, हालांकि तब इससे जुड़ी जानकारी सीमित थी। अब सामने आया है कि 2023 में सरकारी मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर में इरफान ...
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