नई दिल्ली, जनवरी 25 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। बीएलके मैक्स अस्पताल ने मरीज की मौत के बाद एक लाख रुपये अतिरिक्त शुल्क की मांग करते हुए शव को परिजनों को सौंपने से इंकार कर दिया। इस पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने शुक्रवार को अस्पताल पहुंचकर हस्तक्षेप किया और पुलिस को भी सूचना दी। अस्पताल प्रशासन के विरोध के बावजूद आयोग और पुलिस के दबाव में शव परिजनों को सौंप दिया गया। प्रियांक कानूनगो ने 24 जनवरी को रात 9:34 बजे सोशल मीडिया पर इस मामले की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मरीज मध्य प्रदेश का निवासी था और अस्पताल में भर्ती होने के 24 घंटे में उसकी मौत हो गई। पहले ही दो लाख रुपये जमा किए गए थे, लेकिन अस्पताल ने मृत्युपरांत एक लाख रुपये अतिरिक्त मांगकर परिजनों को ब्लैकमेल किया। आयोग का कार्यालय शुक्रवार को बंद ...