गोंडा, जनवरी 1 -- गोण्डा। जिला महिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग परिसर में स्थित प्राइवेट वार्ड पर अब कर्मचारियों का कब्जा है। किसी वार्ड में कार्यालय तो किसी में कर्मचारी अस्पताल का सामान रखकर ताला लगाए हुए हैं। कभी मरीजों से गुलजार रहने वाले इन वार्डों को अब दूसरे कार्यों के लिए प्रयोग किया जा रहा है। कभी अस्पताल के राजस्व का एक श्रोत रहे प्राइवेट वार्ड अब कर्मचारियों के आफिस बन गए हैं। इससे राजस्व को भी चूना लग रहा है। जिला महिला अस्पताल के पुरानी बिल्डिंग परिसर में चार प्राइवेट वार्ड बनाए गए थे। इन वार्डों में मरीजों को भर्ती किया जाता था और उनसे सौ रुपए प्रतिदिन के हिसाब से किराया भी लिया जाता था। यही नहीं प्राइवेट वार्ड वाले मरीजों से अन्य इलाज की सुविधाओं के लिए एक निर्धारित धनराशि ली जाती थी। प्राइवेट वार्ड मरीजों को उपलब्ध कराने स...