बिल्ल्होर, दिसम्बर 30 -- भीतरगांव विकासखंड की पासीखेड़ा गोशाला बदहाल है। यहां दो बेजुबान मरणासन दशा में पड़े हैं और उनको आवारा कुत्ते नोंच रहे हैं। पांच-छह दिनों से बीमार इन मवेशियों को इलाज तक नहीं मिला। मवेशी सूखा भूसा खा रहे हैं, शायद ही उन्हे कभी हरा चारा नसीब हुआ हो। जिम्मेदारों की उदासीनता से भीषण सर्दी में बेजुबानों की दुर्दशा है लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। गांव में बनी इस गोशाला में मात्र 50 मवेशी हैं। यहां दो केयरटेकर तैनात हैं। दोपहर में गोशाला के भीतर दिनेश कुमार मौजूद थे। यहां सफाई व्यवस्था ध्वसत है और गोबर के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं जिनके पास खड़ा होना भी मुश्किल भरा है। पास ही खुले आसमान के नीचे दो मवेशी पड़े थे। एक के कान से खून बह रहा था जिसे आवारा कुत्ते ने नोंचकर खाया था वहीं दूसरी भी बेसुध पड़ी थी। दोनों मवेशियो...
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