कानपुर, मई 4 -- कानपुर। प्रमुख संवाददाता कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें उन बच्चों और उनके अभिभावकों ने हिस्सा लिया, जिन्हें दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की शल्य चिकित्सा योजना के तहत कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी का लाभ मिला है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण ये अभिभावक अपने बच्चों का ऑपरेशन नहीं करा पा रहे थे।संवाद में अलसमद, आराध्या मिश्रा, ईमान खान, नायमा सिद्दीकी और मोहम्मद उवैस जैसे बच्चे और उनके अभिभावक शामिल हुए। मोहम्मद उवैस की माता अलसिफा ने बताया कि घर में सन्नाटा था। उवैस हमारी आवाज नहीं सुन पाता था और कोई प्रतिक्रिया नहीं देता था। कॉक्लियर इम्प्लांट के बाद जब उसने पहली बार 'मम्मी-पापा' बोला तो मानो सारे जहां की खुशी मिल गई हो। नायमा सिद्दीकी की माता स...