नई दिल्ली, जून 4 -- पंकज कुमार पांडेय नई दिल्ली। ममता बनर्जी इस समय अपनी राजनीतिक पारी की सबसे मुश्किल चुनौती से जूझ रही हैं। संघर्ष से अपनी पहचान बनाने वाली 71 वर्षीय ममता क्या अब दोबारा उस भूमिका में आ सकती हैं? पार्टी के अंदर विद्रोह ने इस सवाल को काफी पेचीदा बना दिया है। ममता सड़क पर संघर्ष करें या पहले पार्टी का अस्तित्व और सिंबल बचाएं, यह बड़ी चुनौती उनके सामने है। यह भी पढ़ें- दिल्ली की एक मुलाकात से विधानसभा में सत्ता संघर्ष तक, 13 दिन में ऐसे बिखरी तृणमूल कांग्रेसममता की राजनीतिक स्थिति विधानसभा में टीएमसी की कमजोर स्थिति से यह आशंका प्रबल हो गई है कि ममता फिलहाल केंद्रीय राजनीति में भी पहले जैसी मजबूत भूमिका में नहीं रहेंगी। यह भी पढ़ें- डूबती नाव में कौन बैठे? आधे मुस्लिम विधायकों ने भी छोड़ा ममता का साथ, एक-एक कर बागी गुट में ...