नई दिल्ली, मई 31 -- तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर कथित पत्थर और अंडे फेंके जाने की घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में सियासी बवाल तेज हो गया है। TMC इसे राजनीतिक हमला बताते हुए पूरे संगठन के स्तर पर मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। ममता बनर्जी खुद अस्पताल पहुंचीं और घटना को गंभीरता से लेते हुए विपक्ष पर हमला बोला। लेकिन सवाल यह है कि क्या 36 साल पहले अपनी बुआ ममता बनर्जी के साथ हुए हाजरा मोड़ हमले की तरह अभिषेक भी इस घटना को अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने का मौका बना पाएंगे?ममता की छवि का टर्निंग पॉइंट दरअसल, 1990 में कांग्रेस नेता के रूप में आंदोलन कर रही युवा ममता बनर्जी पर कोलकाता के हाजरा मोड़ पर हमला हुआ था। उस घटना ने उन्हें सत्ता से टकराने वाली जुझारू नेता के रूप में स्थापित कर दिया। टीएमसी कार्यालय की दीवार...