जौनपुर, मई 9 -- बदलापुर। क्षेत्र के ऊदपुरगेल्हवा (दाउदपुर) गांव में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में गुरुवार को प्रतापगढ़ से आए कथावाचक मनीष महाराज ने कहा कि मन में द्वेष रखने वालों का परित्याग कर देना चाहिए। चाहे वह कितना ही हितैषी क्यों न हो। ऐसी जगह जाने पर कल्याण नहीं होता है। चाहे वह स्थान अपने जन्म दाता पिता का ही घर क्यों न हो। अर्थात यदि कोई मन में द्वेष रखता हो तो उसके घर का त्याग करने में ही भलाई है। कथा के दौरान सती चरित्र के प्रसंग को सुनाते हुए भगवान शिव की बात को नहीं मानने पर सती के पिता के घर जाने से अपमानित होने के कारण स्वयं को अग्नि में दहन होना पड़ा। उन्होंने ध्रुव चरित्र की कथा सुनाते हुए कहा कि ध्रुव की सौतेली मां सुरुचि के द्वारा अपमानित होने पर भी उसकी मां सुनीति ने धैर्य नहीं खोया। जिससे एक बहुत बड़ा संकट टल ग...