नई दिल्ली, जुलाई 24 -- मोहम्मद रफी एक ऐसे सिंगर रहे हैं जिन्हें काफी पसंद किया जाता था। ना सिर्फ वह अपनी आवाज से सबका दिल जीत लेते थे बल्कि उनका नेचर ही ऐसा था कि हर कोई उनके सामने हार मान लेता था। कई ऐसे सिंगर्स भी रहे हैं जो उनके कॉम्पटीटर्स होने के बावजूद खुद इस बात को मानते थे कि उनसे बेहतर वो गाना कोई और नहीं गा सकता था। अब आपको ऐसा ही मोहम्मद रफी और मन्ना डे से जुड़ा एक किस्सा शेयर करते हैं।मन्ना डे इस गाने के लिए थे तैयार, लेकिन रफी को मिला ऑफर साल था 1963 और फिल्म थी मेरी सूरत तेरी आखें। इस गाने के लिए एस डी बर्मन ने म्यूजिक बनाया था। उस वक्त मन्ना डे उनके असिस्टेंट थे और उन्हें लगा कि क्योंकि यह क्लासिकल गाना है तो इसे वह ही गाएंगे और मन्ना डे ने इस पूरी धुन को रट लिया था। उन्होंने एस डी बर्मन से कहा कि दादा मैंने पूरी तैयारी कर ...