बरेली, अगस्त 23 -- कर्म प्रधान है, फल की इच्छा नहीं करना चाहिए। कर्म करने से फल स्वयं प्राप्त होता है। भक्ति से सरलता आती है इसीलिए भक्ति निरंतर करते रहना चाहिए। भक्ति से पाप नष्ट होते हैं। यह बात आनंद आश्रम में हो रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार को कथा व्यास सत्येंद्र शास्त्री ने कही। उन्होंने श्रोताओं को शुकदेव परीक्षित संवाद, ध्रुव चरित्र एवं देवूहति संवाद के प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान यजमान सुनील गुप्ता, शालिनी गुप्ता, अध्यक्ष प्रेम शंकर अग्रवाल, उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल, मंत्री अनिल अग्रवाल, विवेक, राजू, शशिकांत मोदी, रजनीश अग्रवाल, नरसिंह मोदी आदि रहे। मीडिया प्रभारी अनुज अग्रवाल ने बताया कि कथा शाम चार से सात बजे तक रहेगा। यह भी पढ़ें- व्यर्थ न गवाएं जीवन, जीवोर्पाजन के साथ करें भक्ति

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