मेरठ, मार्च 26 -- कैलाश पर्वत मंदिर पर चल रहे विधान के 47वें दिन पाठ का शुभारंभ मांगलिक क्रियाओं के साथ हुआ। सौधर्म इंद्र बनकर स्वर्ण कलश से अभिषेक देवेंद्र जैन, ऋषभ जैन, शांतिधारा राजेश जैन ने की। दीप प्रज्वलन योगिता जैन, शिल्पी जैन, मंजु जैन ने किया। आदिनाथ भगवान की पूजन के बाद सभी तीर्थंकरों के अर्घ्य चढ़ाने के बाद भक्तामर विधान का शुभारम्भ हुआ। विधान के मध्य मुनि भाव भूषण महाराज ने कहा कि आज मानव अपनी प्रवृत्ति के अनुसार अगर कोई अच्छा कार्य करता है, तो उसकी चर्चा नहीं करता, उसकी अच्छाई नहीं फैलाता। परंतु कोई तनिक भी त्रुटि हो जाए तो सबको बताने में देर नहीं लगाता। मुनि ने कहा कि अपना दुख किसी के सामने प्रकट न करें। क्योंकि किसी को तुम्हारे दुख में कोई रस नहीं, कोई प्रीति नहीं, कोई लगाव नहीं। गुरुवार को 133 परिवारों की ओर से विधान का आय...