मेरठ, जून 28 -- श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के में चल रहे 40 दिवसीय श्री शांतिनाथ महामंडल विधान में मांगलिक क्रियाएं की गई। तत्पश्चात भगवान की शांतिधारा व अभिषेक किया गया। 39वें दिन भगवान की शांतिधारा राजेश जैन, रश्मि जैन, आकांक्षा जैन, दिनेश जैन आदि ने की। विधान में आचार्य भाव भूषण जी महाराज ने कहा कि मनुष्य को अच्छे कर्म करने चाहिए। अच्छे कर्मों के माध्यम से ही भगवान से मिला जा सकता है। कर्म करना व अपने कर्म में सफलता हासिल करना मनुष्य की कुंजी है। मनुष्य के कर्म ही मनुष्य की किस्मत का फैसला करती है। मनुष्य के पाप और पुण्य बराबर चलते है। यह भी पढ़ें- मनुष्य को सच्ची आस्तिकता अपनानी चाहिए मनुष्य का जीवन अच्छे कर्मों के आधार पर मिलता है। मनुष्य का लक्ष्य केंद्रित होना चाहिए। उसी लक्ष्य को केंद्रित करके आगे बढ़ना चाहिए। जीवन में संघ...