भागलपुर, मार्च 8 -- बाथ थाना अंतर्गत बाथ ग्राम स्थित श्री विश्वेश्वर नाथ मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर वृंदावन से पधारे कथा व्यास किंकरी किशोरी जी ने कहा कि मनुष्य के चरित्र निर्माण में संगति का बड़ा योगदान होता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य के अंदर सद्गुणों और दुर्गुणों का बहुत बड़ा स्रोत है संगत। इसलिए चरित्र निर्माण की अपेक्षा अगर समाज से समाज को है, तो सत्संग का हरि कथा का आश्रय जीव को अवश्य लेना होगा। क्योंकी सत्संग स्मृति खोलती है, वो स्मृति जो परमतत्व से जुड़ी है। कथा के अंतिम में उनके द्वारा भीष्म पितामह के महाप्रयाण की कथा ने सभी श्रोताओं के हृदय को भावविभोर कर दिया।

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