रामपुर, मार्च 29 -- रामपुर। मनरेगा श्रमिकों की ई-केवाईसी में मंडल में रामपुर अव्वल स्थिति में है तो संभल पिछड़ गया है। रामपुर में जहां 84.12 फीसदी श्रमिकों की ई-केवाईसी कराई जा चुकी है वहीं संभल में यह आंकड़ा 80.16 फीसदी है। मुरादाबाद में 81 और अमरोहा में 82 फीसदी श्रमिक ई-केवाईसी करा चुके हैं। एक अप्रैल से मनरेगा में श्रमिकों को ई-केवाईसी होने पर ही मजदूरी का भुगतान मिलेगा, इसीलिए यह प्रक्रिया कराई जा रही है। मनरेगा(वीबी जी राम जी) योजना में पारदर्शिता और श्रमिकों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए अब ई-केवाईसी और फेस प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। ग्राम्य विकास विभाग के निर्देश के अनुसार प्रदेश में दो मार्च से यह व्यवस्था लागू हो चुकी है। मनरेगा के अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों की उपस्थिति एनएमएमएस एप के माध्यम से फेस प्रमाणीकरण के बाद ...