जमुई, दिसम्बर 5 -- अलीगंज । निज संवाददाता मनरेगा योजना में कई ऐसी महिला मजदूर है जो आज तक घर की ड्योढ़ी भी नही पार की बन गई मनरेगा मजदूर, ऐसी नई नवेली महिला मनरेगा में मजदूरी का झूठा काम दिखाकर कर मनरेगा विभाग से मजदूरी का भुगतान ले रही है। यह सत्य है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। जबकि दूसरा पहलू अपने परिवार को आर्थिक रूप से सुदृढ करने के लिए परंपरागत रूप से "नई बहुरिया" (नई बहू) जो ससुराल की चौखट भी कम ही लांघती है, वह आर्थिक मजबूरी में मनरेगा मजदूर बन जाती है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी देती है, जिससे महिलाएं घर से बाहर काम करने को प्रेरित होती हैं। मनरेगा योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में कम से कम 100 दिन का गारंटी रोजगार प्रदान करती है...
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