वाराणसी, अप्रैल 23 -- वाराणसी। मनरेगा योजना मजदूरों और जनप्रतिनिधियों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। लगभग 18 करोड़ रुपये का भुगतान लटका है। इसमें तीन करोड़ रुपये मजदूरी और 15 करोड़ रुपये सामग्री (मैटेरियल) के हैं। मजदूरी पाने के लिए मजदूरों को दर-ब-दर भटकना पड़ रहा है। उनके सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उधर, ग्राम प्रधान भी परेशान हैं। मजदूरों के आक्रोश और दुकानदारों-आपूर्तिकर्ताओं के कर्ज के दबाव में उनका आर्थिक एवं मानसिक शोषण हो रहा है। जनप्रतिनिधि कई बार जिला प्रशासन के जरिए आवाज मुखर कर चुके हैं लेकिन स्थिति जस की तस है। मजदूरी और सामग्री का भुगतान लटकने से ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत होने वाले काम पर असर पड़ने लगा है। यह भी पढ़ें- जिला पार्षदों का लगातार दूसरे दिन भी धरना जारी राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के...