मधुबनी, जुलाई 26 -- मधुबनी, निज संवाददाता। जिले में मनरेगा योजनाओं के सोशल ऑडिट के बाद सामने आए अनियमितता के मामलों में कार्रवाई की रफ्तार बेहद धीमी है। आलम यह है कि सोशल ऑडिट के जरिए गड़बड़ियों की पहचान होने और कई मामलों में राशि रिकवरी तथा जिम्मेदारी तय किए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में फाइलें प्रखंड स्तर पर लंबित पड़ी हैं। प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी के स्तर पर कार्रवाई की रिपोर्ट दबा दी जा रही है। जिले के रहिका, पंडौल, बाबूबरही, झंझारपुर, लौकही, मधेपुर, हरलाखी, बाबूबरही, खजौली व मधवापुर समेत सभी 21 प्रखंडों के अधिकतर पंचायतों में कमोबेश यही स्थिति बताई जा रही है। कई पंचायतों में सोशल ऑडिट केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। ऑडिट रिपोर्ट तैयार होने के बाद भी उस पर अपेक्षित प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हो रही है। कई मामलों में दोषी व्यक्तियों की जिम्...